देश मे शराब का चलन दिनो दिन विस्तार लेता जा रहा है|छोटे शहरो ओर गावो मे शराब के सेवन को लगातार स्तर के साथ जोड्कर देखाजाने लगा हे|ओर आमतोर पर सभ्य समाज मे बुरी चीज मानी जाने वाली शराब को अब उतना बुरा नही माना जाता|आज से एक दशक पुर्व तक किसी खास आय ओर आयु वर्ग के लोगो के शोक का दर्जा रखने वाली शराब के इस्तेमाल मे लोगो द्वारा अब कोइ नियम कायदा इस्तेमाल नही किया जाता|छोटे शहरो की हालत तो फिर भी कुछ सही कही जा सकती है लेकिन अगर बात गाव की आती है तो तस्वीर ओर भी भयावह हो जाती है| आमतोर पर दो जून की रोटी का का बमुस्किल जुगाड कर अपने परिवार की गुजर करने वाले लोगो मे शराब के सेवन मे एजाफ़ा गम्भिर घट्ना है|साथ ही नोजवानो ओर बच्चो के बीच मोत के जाम को शेयर करने की आदत एक बारगी सोचने को मजबूर जरुर करती है|अगर मै मात्र अपने गाव की ही बात करू तो पिछ्ले एक दशक के दोरान शराब के सेवन के चलते सैकडो लोग काल के गाल मे समा गये |इन अकाल मोतो मे हर आयु वर्ग के लोग थे लेकिन अगर बारीकि से पड्ताल की जाय तो नोजवानो की ही तादात जयादा मिलेगी| अब सवाल आता है कि इस शराब के विस्तार लेते चलन के पीछे काम करने वाले कारक कोन से है|हालाकि उत्तर प्रदेश मे बिक रही शराब की कीमत इतनी ज्यादा है कि आम आदमी की आमदनी उसे पीने की इजाजत नही देती बावजूद इसके आज आपको गाव मे हर तीसरा आदमी शराब का आदी मिलेगा| इसका जवाब है गाव मे चल रहे शराब के अवैध कारोबार जिनकी न कोइ सीमा है ओर न किसी बात का डर क्योकि ये अवैध धन्धे सीधे पुलिस की सरपरस्ति मे चलते है|ओर शराब के आदि हर आदमी की पहुच इस सस्ती ओर शुलभ शराब तक हर समय रहती है|पहले जहा ये धन्धा पर्दे के पीछे बहुत देखभालकर किया जाता था वही अब धीरे-धीरे इसे मानो सामाजिक मान्यता प्राप्त हो गई है|फ़िर क्या बडे ओर क्या बच्चे हर किसी के लिये सस्ता नशा सुलभ हो गया है|
लेकिन बात बस यही खत्म नही हो जाती पास के राज्यो हरियाणा ओर दिल्ली से भी बडी मात्रा मे हर रोज शराब उत्तर प्रदेश की सीमा मे दाखिल होकर इन गावो मे पहुचती है|सरकार भले ही सीमाओ से चल रहे इस कारोबार की बात से इनकार करे लेकिन सीमाओ पर तैंनात पुलिस के जवानो की मिली भगत से यह धन्धा भी खूब फ़ल फ़ूल रहा है|शराब के अवैध कारोबार के दोनो तरीको से लोगो की जान का जोखिम तो है ही क्योकि अधिक लाभ के चक्कर मे इस शराब की गुणवत्ता पर ध्यान अमुमन नही दिया जाता साथ ही सरकार को राजस्व का भारी नुकसान भी होता है|लेकिन गाहे बगाहे लोगो द्वारा इस अवैध धन्धे के खिलाफ़ बुलन्द की जाने वाली आवाज को भी दबा दिया जाता है|शराब को मिल रही इस सामाजिक मान्यता का ही परिणाम है कि अधिकतर बेरोजगार युवा इस धन्धे मे रुचि दिखा रहे है जोकि ओर भी घातक है|अगर समय रहते प्रशासन इस ओर ध्यान नही देता तो परिणाम घातक हो सकते है|
लेकिन बात बस यही खत्म नही हो जाती पास के राज्यो हरियाणा ओर दिल्ली से भी बडी मात्रा मे हर रोज शराब उत्तर प्रदेश की सीमा मे दाखिल होकर इन गावो मे पहुचती है|सरकार भले ही सीमाओ से चल रहे इस कारोबार की बात से इनकार करे लेकिन सीमाओ पर तैंनात पुलिस के जवानो की मिली भगत से यह धन्धा भी खूब फ़ल फ़ूल रहा है|शराब के अवैध कारोबार के दोनो तरीको से लोगो की जान का जोखिम तो है ही क्योकि अधिक लाभ के चक्कर मे इस शराब की गुणवत्ता पर ध्यान अमुमन नही दिया जाता साथ ही सरकार को राजस्व का भारी नुकसान भी होता है|लेकिन गाहे बगाहे लोगो द्वारा इस अवैध धन्धे के खिलाफ़ बुलन्द की जाने वाली आवाज को भी दबा दिया जाता है|शराब को मिल रही इस सामाजिक मान्यता का ही परिणाम है कि अधिकतर बेरोजगार युवा इस धन्धे मे रुचि दिखा रहे है जोकि ओर भी घातक है|अगर समय रहते प्रशासन इस ओर ध्यान नही देता तो परिणाम घातक हो सकते है|